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50 रुपए से कम: 2014 को अलविदा कहने से पहले खरीदें ये 14 शेयर, होगा मोटा मुनाफा
Friday, 4 September 2015
Tuesday, 24 March 2015
आरक्षण के खिलाफ एक जंग
कल मैं न्यूज़ पेपर में पड़ा की माननीय श्री जयंत चौधरी जी जाट आरक्षण की मांग को लेकर जाट भाइयो को बोल रहे है की अगर आप लोग इसके लिए नही लड़े तो आने बाली पीढ़ी इसका खामयाजा भुगते गी मैं पूछता हूँ क्या कभी इन्होने किसी गरीब के लिए ऐसा बोला की उसको भी आरक्षण मिले क्या आज जाति बाद आरक्षण जरुरी है या आर्थिक स्थित पर आरक्षण का प्रभाधन हो सभी नेता अपने आपको जाति गति आरक्षण के लिए लड़ने को बोलते है और अपनी राजनीती को चमकने को चल पड़ते है गरीब के लिए क्यों नही कहते कि यह जाति बद का आरक्षण खत्म करो हम तुम्हारे साथ है
मैं उन सभी से अगरह करता हूँ कि अगर हम लोग अभी भी नही जगे तो अपनी आने बाली पीढ़ी इसका बहुत बड़ा खामयाजा उठए गई
अपने जबाब जरूर दे कि क्या सही है
जय हिन्द जय भारत
Saturday, 14 March 2015
आपके काम की 10 महत्वपूर्ण चीजें, जिनके लिए जरूरी है आधार कार्ड
भारत सरकार का महत्वाकांक्षी आधार कार्ड प्रोजेक्ट, डिजीटल भारत की नई
स्टैण्डर्ड आईडेंटिटि बनने जा रहा है। आने वाले समय में आधार कार्ड हर
नागरिक के लिए न केवल जरूरी हो जाएगा, बल्कि बहुत सारी सरकारी सुविधाएं भी
इसके बिना उपयोग नहीं ली जा सकेंगी। अभी तक सरकार ने 10 महत्वपूर्ण कामों
के लिए आधार कार्ड को जरूरी कर दिया है। आइए जानते हैं कि आपके काम की कौन
सी 10 महत्वपूर्ण चीजों के लिए आधार कार्ड के जरिए जरूरी हो गया है।
आधार कार्ड के बिना नहीं मिलेगी गैस सब्सिडी
भारत सरकार ने घरेलू गैस पर आम जनता को सब्सिडी दी हुई है। इस सब्सिडी
को भी आधार कार्ड से जोड़ दिया गया है। यदि आपके पास यूनिक
आईडेंटिटिफिकेशन कार्ड नहीं है तो आप को घरेलू गैस सिलेंडर के लिए सब्सिडी
नहीं मिलेगी और आपको ऊंचे दामों पर सिलेंडर खरीदना पड़ेगा।
Saturday, 28 February 2015
AAP से कटेगा योगेंद्र -प्रशांत भूषण का पत्ता? पार्टी की सबसे ताकतवर कमिटी से होंगे बाहर
नई दिल्ली. योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण की आम आदमी पार्टी (आप) की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) से छुट्टी हो सकती है। दिल्ली चुनावों के बाद बीते गुरुवार और शुक्रवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अरविंद केजरीवाल
को फिर से पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक चुना गया। मीडिया में आई खबरों के
मुताबिक कार्यकारिणी की बैठक में कुछ नेताओं के साथ योगेंद्र यादव की बहस
भी हुई। कुछ आप नेताओं ने दिल्ली चुनाव में योगेंद्र यादव भूमिका को लेकर
भी सवाल उठाए। कार्यकारिणी ने केजरीवाल को नई पीएसी के गठन के लिए भी
अधिकृत कर दिया है।
फाइल फोटो- योगेंद्र यादव और अरविंद केजरीवाल
ऐसे बाहर हो जाएंगे योगेंद्र यादव
आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को ये अधिकार दिए हैं कि वो पार्टी की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली यूनिट पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी को फिर से गठित करने के लिए सदस्यों के नाम का सुझाव राष्ट्रीय कार्यकारिणी को देंगे जिसके आधार पर पीएसी फिर से गठित होगी। सूत्रों के मुताबिक इस पीएसी में अरविंद केजरीवाल योगेंद्र यादव के नाम का सुझाव नहीं देने जा रहे जिससे योगेंद्र पार्टी की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली ईकाई से बाहर हो जाएंगे।
आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को ये अधिकार दिए हैं कि वो पार्टी की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली यूनिट पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी को फिर से गठित करने के लिए सदस्यों के नाम का सुझाव राष्ट्रीय कार्यकारिणी को देंगे जिसके आधार पर पीएसी फिर से गठित होगी। सूत्रों के मुताबिक इस पीएसी में अरविंद केजरीवाल योगेंद्र यादव के नाम का सुझाव नहीं देने जा रहे जिससे योगेंद्र पार्टी की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली ईकाई से बाहर हो जाएंगे।
पार्टी का एक धड़ा योगेंद्र से नाराज
असल में योगेंद्र यादव से पार्टी का एक बड़ा धड़ा पहले से नाराज़ चल रहा था लेकिन गुरुवार को हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में योगेंद्र यादव का मुद्दा उठा और बताया जाता है कि ज्यादातर सदस्य योगेंद्र यादव से नाराज़ थे। पार्टी में योगेंद्र यादव से नाराज धड़े का आरोप है कि उन्होने अरविंद केजरीवाल और पार्टी के खिलाफ मीडिया में खबर प्लांट कराई। साथ ही दिल्ली चुनाव के दौरान अपेक्षित सहयोग नहीं किया। यही नहीं हरियाणा में पार्टी के चुनाव ना लड़ने के निर्णय को सार्वजनिक तौर पर गलत बताया। गौरतलब है कि दिल्ली चुनाव जीतने के बाद भी उन्होंने केजरीवाल के दावे के उलट दूसरे राज्यों में पार्टी के चुनाव लड़ने को लेकर बयान दिया था। इसके आलावा आप कार्यकर्ताओं की शिकायत थी कि योगेंद्र यादव ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर मीडिया में बेवजह निंदा की थी और मीडिया में बयान दिया था। केजरीवाल ने सीएम पद की शपथ लेते वक्त ही अन्य राज्यों में चुनाव लड़ने के मसले पर योगेंद्र यादव सहित पार्टी के नेताओं को बयानबाजी न करने की हिदायत दी थी।
असल में योगेंद्र यादव से पार्टी का एक बड़ा धड़ा पहले से नाराज़ चल रहा था लेकिन गुरुवार को हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में योगेंद्र यादव का मुद्दा उठा और बताया जाता है कि ज्यादातर सदस्य योगेंद्र यादव से नाराज़ थे। पार्टी में योगेंद्र यादव से नाराज धड़े का आरोप है कि उन्होने अरविंद केजरीवाल और पार्टी के खिलाफ मीडिया में खबर प्लांट कराई। साथ ही दिल्ली चुनाव के दौरान अपेक्षित सहयोग नहीं किया। यही नहीं हरियाणा में पार्टी के चुनाव ना लड़ने के निर्णय को सार्वजनिक तौर पर गलत बताया। गौरतलब है कि दिल्ली चुनाव जीतने के बाद भी उन्होंने केजरीवाल के दावे के उलट दूसरे राज्यों में पार्टी के चुनाव लड़ने को लेकर बयान दिया था। इसके आलावा आप कार्यकर्ताओं की शिकायत थी कि योगेंद्र यादव ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर मीडिया में बेवजह निंदा की थी और मीडिया में बयान दिया था। केजरीवाल ने सीएम पद की शपथ लेते वक्त ही अन्य राज्यों में चुनाव लड़ने के मसले पर योगेंद्र यादव सहित पार्टी के नेताओं को बयानबाजी न करने की हिदायत दी थी।
दूसरी मीटिंग में नहीं बुलाए गए योगेंद्र यादव
सूत्रों के मुताबिक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पहले दिन ही अपना इस्तीफा भिजवाकर कहा कि वो शायद पार्टी में उतना समय नहीं दे पाएं क्योंकि अब वो सीएम बन गए हैं और उनके पास जिम्मेदारी बढ़ गई है। पार्टी के मुखिया होने के बावजूद अरविंद केजरीवाल पार्टी की ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नहीं गए। हालांकि इसकी वजह सीएम के व्यस्त कार्यक्रम को बताया गया। लेकिन दूसरे दिन केजरीवाल को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बुलाया गया जहां पार्टी ने केजरीवाल का इस्तीफा नामंजूर करके उन्हें पीएसी फिर गठित करने का सुझाव देने का अधिकार दिए गए। खास बात यह रही है कि दूसरे दिन शुक्रवार को हुई बैठक से योगेंद्र यादव को दूर रखा गया।
सूत्रों के मुताबिक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पहले दिन ही अपना इस्तीफा भिजवाकर कहा कि वो शायद पार्टी में उतना समय नहीं दे पाएं क्योंकि अब वो सीएम बन गए हैं और उनके पास जिम्मेदारी बढ़ गई है। पार्टी के मुखिया होने के बावजूद अरविंद केजरीवाल पार्टी की ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नहीं गए। हालांकि इसकी वजह सीएम के व्यस्त कार्यक्रम को बताया गया। लेकिन दूसरे दिन केजरीवाल को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बुलाया गया जहां पार्टी ने केजरीवाल का इस्तीफा नामंजूर करके उन्हें पीएसी फिर गठित करने का सुझाव देने का अधिकार दिए गए। खास बात यह रही है कि दूसरे दिन शुक्रवार को हुई बैठक से योगेंद्र यादव को दूर रखा गया।
योगेंद्र को राष्ट्रीय संयोजक बनाने का प्रस्ताव खारिज
आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय संयोजक पद से हटने का प्रस्ताव रखा जिसे एकमत से खारिज कर दिया गया। इसके बाद प्रशांत भूषण ने प्रस्ताव रखा कि सरकार में अरविंद केजरीवाल को बहुत काम रहेगा इसलिए योगेंद्र यादव को राष्ट्रीय संयोजक बनाया जाए। इस प्रस्ताव को भी एकमत से खारिज कर दिया गया। इस पूरे मामले पर योगेंद्र यादव ने इस सवाल पर कहा, 'पार्टी के अंदरूनी मामलों को लेकर मैं मीडिया में टिप्पणी नहीं करता हूं।'
आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय संयोजक पद से हटने का प्रस्ताव रखा जिसे एकमत से खारिज कर दिया गया। इसके बाद प्रशांत भूषण ने प्रस्ताव रखा कि सरकार में अरविंद केजरीवाल को बहुत काम रहेगा इसलिए योगेंद्र यादव को राष्ट्रीय संयोजक बनाया जाए। इस प्रस्ताव को भी एकमत से खारिज कर दिया गया। इस पूरे मामले पर योगेंद्र यादव ने इस सवाल पर कहा, 'पार्टी के अंदरूनी मामलों को लेकर मैं मीडिया में टिप्पणी नहीं करता हूं।'
सिसोदिया ने भी उठाए थे सवाल
अरविंद केजरीवाल और योगेंद्र यादव के रिश्तों में खटास पहली बार पिछले जून में उस वक्त महसूस की गई जब योगेंद्र यादव ने पार्टी पर व्यक्तिवाद का शिकार होने का आरोप लगाया था। इसे पार्टी नेताओं ने केजरीवाल पर हमला माना। योगेंद्र के इस सवाल के जवाब में पार्टी के बड़े नेता और केजरीवाल के करीबी मनीष सिसोदिया ने योगेंद्र यादव पर ही सवाल उठाकर उलटे उन्हें ही कटघरे में खड़ा कर दिया था। हालांकि बाद में मामला शांत हो गया था लेकिन दोनों के संबंधों के बीच दरार यहीं से शुरू हो गई थी।
अरविंद केजरीवाल और योगेंद्र यादव के रिश्तों में खटास पहली बार पिछले जून में उस वक्त महसूस की गई जब योगेंद्र यादव ने पार्टी पर व्यक्तिवाद का शिकार होने का आरोप लगाया था। इसे पार्टी नेताओं ने केजरीवाल पर हमला माना। योगेंद्र के इस सवाल के जवाब में पार्टी के बड़े नेता और केजरीवाल के करीबी मनीष सिसोदिया ने योगेंद्र यादव पर ही सवाल उठाकर उलटे उन्हें ही कटघरे में खड़ा कर दिया था। हालांकि बाद में मामला शांत हो गया था लेकिन दोनों के संबंधों के बीच दरार यहीं से शुरू हो गई थी।
हैट्रिक जीत से 15 रन दूर टीम इंडिया, लंच की घोषणा
पर्थ. वर्ल्ड
कप-2015 के 21वें मुकबाले में भारत ने 102 रन के टारगेट का पीछा करते हुए 1
विकेट के नुकसान पर 88 रन बना लिए हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली क्रीज पर हैं। हैट्रिक जीत से टीम इंडिया सिर्फ 15 रन दूर है, जबकि 34 ओवर अभी शेष हैं। फिलहाल लंच ब्रेक चल रहा है।
रोहित शर्मा के शानदार शॉट के बाद कुछ ऐसा था यूएई के बॉलर मो. नावीद का रिएक्शन।
102 रनों के जवाब में बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम ने धीमी शुरुआत की।
पांच ओवर में सिर्फ 19 रन बनाए। इसी दौरान शिखर धवन के रूप में उसे पहला
झटका लगा। शिखर को 14 रनों के निजी स्कोर पर मोहम्मद नावेद ने रोहन मुस्तफा
के हाथों कैच आउट कराया।
| खिलाड़ी | रन | बॉल | 4 | 6 | |
| रोहित शर्मा | नॉट आउट | 47 | 46 | 8 | 1 |
| शिखर धवन | कै. मुस्तफा बो. नावीद | 14 | 17 | 3 | 0 |
| विराट कोहली | नॉट आउट | 27 | 33 | 4 | 0 |
102 पर ऑल आउट यूएई
इससे पहले यूएई की पूरी टीम 102 रन पर ऑल आउट हो गई। पूरी टीम 31.3
ओवर ही खेल सकी। ये यूएई का न्यूनमत स्कोर है। शैमान अनवर अंतिम विकेट के
रूप में आउट हुए। उन्होंने 35 रन बनाए। 10वें विकेट के लिए शैमान और गुरुज
के बीच 31 रन की पार्टनरशिप हुई। भारत की तरफ से आर. अश्विन ने सबसे
ज्यादा 4 विकेट लिए। यह उनके करियर का भी बेस्ट परफॉर्मेंस है।
न्यूनतम स्कोर पर आउट यूएई, अश्विन की फिरकी में उलझे
वर्ल्ड कप 2015 में भारत के खिलाफ खेलते हुए यूएई अपने न्यूनतम स्कोर
पर आउट हो गई। इससे पहले यूएई का न्यूनतम स्कोर 123 रन था, जो उसने 17
जुलाई 2004 में श्रीलंका के खिलाफ बनाया था। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने आई
यूएई के बल्लेबाज शुरू से ही क्रीज पर टिक नहीं सके और नियमित अंतराल पर
विकेट गिरते गए। उसके 8 खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। शानदार
बॉलिंग करते हुए अश्विन ने 4 खिलाड़ियों को आउट किया। स्पिनर्स को खेलने
में नाकाम रही यूएई की टीम के 7 विकेट स्पिनर्स के खाते में ही गए। जडेजा
को 2 और मोहित शर्मा को 1 विकेट मिला।
उमेश ने दिलाई पहली सफलता
भारत को पहली सफलता उमेश यादव ने दिलाई। उन्होंने एंद्री बेरेंगर को 4 के निजी स्कोर पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी
के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद भुवनेश्वर कुमार ने अमजद अली (4) को आउट
किया। अली का कैच भी कप्तान धोनी ने लिया। 11वें ओवर में चंद्रन भी 4 रन
बनाकर अश्विन की बॉल पर रैना को कैच दे बैठे। इसके बाद विकेटकीपर स्वप्निल
पाटिल क्रीज पर आए। लेकिन वो ज्यादा देर नहीं टिक सके और 7 रन के निजी
स्कोर पर आउट हो गए।
| खिलाड़ी | रन | बॉल | 4 | 6 | |
| अमजद अली | कै. धोनी बो. कुमार | 4 | 12 | 0 | 0 |
| एंद्री बेरेंगर | कै. धोनी बो. यादव | 4 | 9 | 1 | 0 |
| कृष्ण चंद्रन | कै. रैना बो. अश्विन | 4 | 27 | 0 | 0 |
| खर्रम खान | कै. रैना बो. अश्विन | 14 | 24 | 1 | 0 |
| स्वप्निल पाटिल | कै. धवन बो. अश्विन | 7 | 18 | 1 | 0 |
| शैमान अनवर | बो. यादव | 35 | 49 | 6 | 0 |
| रोहन मुस्तफा | lbw मोहित शर्मा | 2 | 12 | 0 | 0 |
| अमजद जावेद | कै. रैना बो. जडेजा | 2 | 5 | 0 | 0 |
| मो. नावीद | बो. अश्विन | 6 | 7 | 0 | 1 |
| मो. तौकीर | बो. जडेजा | 1 | 5 | 0 | 0 |
| गुरुज | नॉट आउट | 10 | 16 | 1 | 0 |
प्लेइंग इलेवन:
* भारत : शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना, महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, भुवनेश्वर कुमार, मोहित शर्मा, उमेश यादव।
* यूएई : अमजद अली, एंद्री बेरेंगर, कृष्ण चंद्रन, खुर्रम खान,
स्वप्निल पाटिल (विकेटकीपर), शैमान अनवर, रोहन मुस्तफा, मोहम्मद नवीद,
अमजद जावेद, मोहम्मद तौकीर (कप्तान), मंजूला गुरुज।
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