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50 रुपए से कम: 2014 को अलविदा कहने से पहले खरीदें ये 14 शेयर, होगा मोटा मुनाफा
Tuesday, 30 December 2014
Monday, 29 December 2014
नए साल में क्या कुछ होने वाला है नया, जानिए
नई दिल्ली. साल
2015 अब कुछ ही घंटे दूर है। नए साल में यूटिलिटी और तकनीक के स्तर पर कई
बदलाव होने जा रहे हैं। कई नई चीजें आने वाली हैं। इनसे हमारी जिंदगी की
मुश्किलें कम होंगी। गैस कनेक्शन से जुड़ी परेशानी कम करने की पहल उन्हीं
में से एक है।
JOKES
2014 HIT JOKES: सनी लियोनी ने पूछा जब ट्रायल रूम के बारे में
2014 अब अपनी अंतिम सांसे
गिन रहा है और 2015 के आगमन की तैयारी है। लेकिन जाते-जाते ये साल ये भी
जता रहा है कि इसने हमें बहुत कुछ दिया। चाहे मसला गंभीर हो या फिर मसखरों
से जुड़ा दोनों तरफ 2014 ने अपना योगदान दिया। इसी कड़ी में हमने कुछ जोक्स
का कलेक्शन किया जो इस साल काफी पसंद किए गए और लोगों ने अपनी टेंशन भरी
जिंदगी में उनसे हंसी-खुशी के रंग भरे।
बोधगया में ईसाई धर्म
गया. बोधगया के
अतिया गांव में 25 दिसंबर को हिंदू से ईसाई बने 42 परिवारों को फिर से
हिंदू बनाने के लिए सोमवार को हवन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को
आयोजित करने वाले विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने दावा किया है कि बीते
गुरुवार को ईसाई बने 34 परिवारों का हवन के दौरान शुद्धिकरण कर उन्हें फिर
से हिंदू बना दिया गया है। अपने इस कदम का बचाव करते हुए हिंदू संगठनों का
कहना है कि जो हिंदू धर्म में आना चाहते हैं, उनके लिए यह शुद्धिकरण का
कार्यक्रम किया गया। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर बड़ी तादाद
में पुलिस वाले मौजूद रहे।
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बोधगया के अतिया गांव में आयोजित किया गया हवन।
गौरतलब है कि विहिप और बजरंग दल बीते कई दिनों से अतिया गांव में ईसाई
बने परिवारों को फिर से हिंदू बनाने की कोशिश में लगे हुए थे। बीते
शुक्रवार को विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अतिया गांव के लोगों को
फिर से हिंदू बनने के लिए समझाने का प्रयास किया था। बीजेपी के स्थानीय
सांसद हरि मांझी ने भी गांव वालों से बात कर योजनाओं के लाभ से वंचित
परिवारों को उनका हक व अन्य सरकारी सुविधाएं दिलाने का भरोसा दिलाया था।
शनिवार को भी विहिप के कार्यकर्ताओं ने अतिया के लोगों से दोबारा मुलाकात
की थी।
Mathura ki colony
कल
२८-१२-२०१४ को हम और अनिल खण्डेलवाल जी (भाजपा आईटी सेल ब्रज क्षेत्र के
सह संयोजक ) सदस्यता अभियान लिए मथुरा गोवर्धन रोड कॉलोनी में गए जहां पर
२०,००० से ५०,००० की वोटिंग है पर वह लोगो ने रोड और बिजली की भरी समस्या
बता कर अपनी नाराजगी भी दिखाई मैं अरुण चौहान (आईटी सेल भाजपा ) से यह
अनिरुद्ध करता हूँ कि इस विषय को गंभीरता से अपने संज्ञान में लेकर वह के
प्रभारी और भाजपा के नेता संसद हेमा मालनी जी से कुछ कार्य को करवाये जिससे
जब भी कोई भाजपा का कार्यकर्ता या नेता जाइये तो उसको यह सुनने को न मिले
की वोट आपको दिया अब हम किस के पास जाइये मेरी तो कोई सुनता ही नही है जब
की उन लोगो से संसद के ऑफिस में एप्लीकेशन भी दे राखी है पर कोई कारवाही
नही हुई मैं सभी नेता और मथुरा की संसद जी से अनुरध करूँगा कि एक बार उस
क्षेत्र में जा कर जरूर देखे
अरुण चौहान
अरुण चौहान
Saturday, 27 December 2014
Sri Krishna
"To those who are constantly devoted and worship Me with love, I give the understanding by which they can come to Me."
tesam satata-yuktanam
bhajatam priti-purvakam
dadami buddhi-yogam tam
yena mam upayanti te
tesam satata-yuktanam
bhajatam priti-purvakam
dadami buddhi-yogam tam
yena mam upayanti te
Bhagavan Sri Krishna ~ Bhagavad Gita 10:10
Friday, 26 December 2014
मैदानी इलाकों में आगरा सबसे ठंडा 3 डिग्री तक लुढ़का पारा, दिल्ली में घना कोहरा
नई दिल्ली. देश
के उत्तरी और पूर्वी इलाके में जबर्दस्त ठंड पड़ रही है। दिल्ली-एनसीआर
में शनिवार सुबह कई जगहों पर घना कोहरा छा गया। उत्तर प्रदेश में आगरा में 3
डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। बताया जा रहा है कि आगरा में तापमान में
और गिरावट आएगी। वहीं, मनाली में माइनस 3 डिग्री पारा रिकॉर्ड किया गया।
श्रीनगर, गुलमर्ग में भी पारा शून्य से नीचे लुढ़क गया है।
विभिन्न शहरों में सुबह 7 बजे का तापमान
अमृतसर 5 डिग्री सेल्सियस
जयपुर 5
माउंट आबू 5
अमृतसर 5 डिग्री सेल्सियस
जयपुर 5
माउंट आबू 5
पूर्वानुमान
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, समेत कई उत्तर और पूर्वी राज्यों में घना कोहरा छाया रहेगा।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, समेत कई उत्तर और पूर्वी राज्यों में घना कोहरा छाया रहेगा।
यातायात बुरी तरह प्रभावित
कोहरे के चलते करीब 150 ट्रेनें लेट चल रही हैं। ट्रेनों के संचालन की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली से कानपुर के बीच चलने वाली शताब्दी ट्रेन 11 घंटे की देरी से पहुंची। ऐसा ही हाल कई राजधानी ट्रेनों का भी रहा। घने कोहरे के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ानों के संचालन में देरी और रद्द होने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को करीब 100 उड़ानों की आवाजाही में देरी हुई। करीब 24 उड़ानों को रद्द कर दिया गया।
कोहरे के चलते करीब 150 ट्रेनें लेट चल रही हैं। ट्रेनों के संचालन की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली से कानपुर के बीच चलने वाली शताब्दी ट्रेन 11 घंटे की देरी से पहुंची। ऐसा ही हाल कई राजधानी ट्रेनों का भी रहा। घने कोहरे के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ानों के संचालन में देरी और रद्द होने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को करीब 100 उड़ानों की आवाजाही में देरी हुई। करीब 24 उड़ानों को रद्द कर दिया गया।
ये हैं पुराने जमाने के हिट गैजेट्स, जो अब बन गए हैं 'सीनियर सिटिजन'
गैजेट डेस्क। स्मार्टफोन्स के आने से पहले एक ऐसा दौर भी था, जब ना तो फोन में टच स्क्रीन थी और ना ही कनेक्टिविटी और इंटरनेट ऑप्शन्स, लेकिन फिर भी ये मोबाइल फोन काफी लोकप्रिय रहे। अपने जमाने के हीरो रहे इन गैजेट्स ने किसी ना किसी नई तकनीक का इस्तेमाल किया, लेकिन अब स्मार्टफोन्स की दुनिया के सीनियर सिटिजन बन चुके हैं। Dainikbhaskar.com आपको बताने जा रहा है बीते जमाने के कुछ अनोखे गैजेट्स के बारे में।
स्वच्छ भारत
स्वच्छ भारत Join Group
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी
युवा वर्ग देश का भविष्य होने के साथ-साथ हमारे देश के विकास का एक
महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत में युवाओं की संख्या अन्य देशों से अधिक है।
भारत की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या की आयु 35 वर्ष से कम है। सरकार का पूरा
ध्यान युवाओं के माध्यम से विकास लाने पर केन्द्रित है। उनके अनुसार युवा
देश के विकास के लिए अपना सक्रिय योगदान प्रदान करें न कि केवल उसका एक
हिस्सा बनकर रह जाएँ। सरकार द्वारा पेश की गई राष्ट्रीय युवा नीति-2014
का उद्देश्य “युवाओं की क्षमताओं को पहचानना और उसके अनुसार उन्हें अवसर
प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना और इसके माध्यम से विश्वभर में भारत को उसका
सही स्थान दिलाना है।“ युवाओं के व्यक्तित्व में सुधार लाने, उनमें नेतृत्व
के गुण विकसित करने एवं उनमें ज़िम्मेदार नागरिक के गुण और स्वयंसेवा की
भावना उत्पन्न करने के उद्देश्य से युवा मामले विभाग ने विभिन्न
कार्यक्रमों को कार्यान्वयित किया है। राष्ट्रीय युवा नीति-2014 की
विषयवस्तु एवं युवा मामले विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों/ योजनाओं के बारे
में अधिक जानकारी विभाग की वेबसाइट (www.yas.nic.in) पर उपलब्ध कराई गई
है। राष्ट्र् निर्माण में युवाओं को कैसे भागीदार बनाया जाए इससे संबंधित
अपने विचार और सुझाव साझा करें। यह समूह कार्य एवं चर्चा करेगा। कार्य
दोनों प्रकार के हो सकते हैं -ऑनलाइन और बाहरी। चर्चा के माध्यम से लोग
अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं और सुझाव दे सकते हैं।
Bharat Ratna for Vajpayee
Bharat Ratna for Vajpayee, Malaviya | #Cartoon - http://www.niticentral.com/2014/12/26/bharat-ratan-vajpayee-malaviya-293200.html
Thursday, 25 December 2014
क्लीन इंडिया' के लिए काशी में पीएम ने नॉमिनेट किए
लखनऊ. महामना जयंती पर गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी
पहुंचे पीएम मोदी ने अस्सी घाट की सफाई का जायजा लिया। इससे वे पूरी तरह
से संतुष्ट दिखे। इसके लिए उन्होंने समाजसेवी संस्था, नगर निगम और सरकार के
साथ-साथ क्षेत्रीय नागरिकों को धन्यवाद दिया। इसके बाद उन्होंने अपने
स्वच्छता अभियान में और नौ लोगों को नॉमिनेट किया।
काशी पहुंचे पीएम मोदी ने अपने स्वच्छता अभियान में नागालैंड के गवर्नर पद्मनाभ बालकृष्ण आचार्य, किरण बेदी, सोनल मानसिंह, कपिल शर्मा,
सौरभ गांगुली, रामोजी राव और इनाडू ग्रुप, अरुण पुरी और इंडिया टुडे
ग्रुप, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टड अकाउंटेंट के अलावा मुंबई के डिब्बे
वालों को स्वच्छ भारत अभियान के लिए नॉमिनेट किया है। पीएम ने अपने स्वच्छ
भारत अभियान में हर क्षेत्र के लोगों को शामिल किया है। इससे उनसे प्रभावित
होने वाले ज्यादा से ज्यादा लोग इस अभियान में शामिल हो सकेंगे।
अस्सी घाट की साफ-सफाई का जायजा लेने के बाद मोदी ने कहा कि 'वे गंगा के सामने खड़े होकर हृदय से काशी के नागरिकों और सामाजिक संगठनों का आभार जताते हैं। काशी की पहचान यह घाट बहुत सालों से मिट्टी में दबा पड़ा था। उन्होंने कहा कि सफाई के कारण जो घाट कभी मिट्टी का ढेर था, वह अपने पुराने सौंदर्य के साथ मां गंगा के सामने प्रस्तुत है।
पीएम मोदी ने कहा कि वे आज फिर एक बार गंगा के सामने खड़े होकर सफाई
अभियान को तेज करने की अपील करते हैं। इसके लिए ही उन्होंने पूरे देश से
लोगों को नॉमिनेट किया है। उन्होंने कहा कि वे जिन लोगों को नॉमिनेट कर रहे
हैं वे सभी अपने-अपने क्षेत्र में मुकाम हासिल कर चुके हैं। ये सभी समर्थ
लोग हैं और इनसे स्वच्छ भारत अभियान को बल मिलेगा।
कैसे झारखंड के CM चुने गए छत्तीसगढ़ी, कबीरपंथी रघुवर
रांची. झारखंड के नए मुख्यमंत्री रघुवर दास होंगे। शुक्रवार को
पार्टी के विधायकों ने उन्हें अपना नेता चुन लिया। इस तरह से राज्य को पहला
गैर-आदिवासी मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है। जमशेदपुर पूर्व सीट से जीतने
वाले दास बीजेपी के उपाध्यक्ष हैं। रघुवर दास छत्तीसगढ़ के बाइरडील जिले के
रहने वाले हैं। वे कबीरपंथ में यकीन रखते हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा
गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिलने के साथ ही रघुवर दास को राज्य का मुख्यमंत्री
बनाने की तैयारी शुरू हो गई थी। जीत के बाद ही दिल्ली में भाजपा
पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह
ने खुद ही रघुवर दास के नाम का प्रस्ताव किया था। हालांकि केंद्रीय गृह
मंत्री राजनाथ सिंह ने सीपी सिंह को मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव देकर
उसी बैठक में रघुवर के नाम पर होने वाले फैसले को तत्काल टाल दिया, लेकिन
आखिरकार शाह के अटल फैसले को कई मात नहीं दे सका और झारखंड से जुड़े पार्टी
के सभी शीर्ष नेताओं और पदाधिकारियों को यह निर्देश दे दिया गया कि वे
प्रदेश में रघुवर दास के पक्ष में माहौल बनाएं, ताकि विधायक दल की बैठक में
भी इस पर आम सहमति बन जाए।
जानकारी के अनुसार रघुवर दास को सीएम बनाने की सैद्धांतिक सहमति के बाद पार्टी के अंदर यह बात तेजी से फैली। इसके बाद लगातार भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बढ़ता गया कि इस फैसले से झारखंड में और संगठन के अंदर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आदिवासी-गैर आदिवासी का भी कार्ड खेला गया। प्रदेश में इसको लेकर कई लोग सक्रिय भी हो गए। इससे पहले की मामला और बढ़ता इससे पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के जरिए इस पर विराम लगा दिया गया।
जानकारी के अनुसार रघुवर दास को सीएम बनाने की सैद्धांतिक सहमति के बाद पार्टी के अंदर यह बात तेजी से फैली। इसके बाद लगातार भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बढ़ता गया कि इस फैसले से झारखंड में और संगठन के अंदर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आदिवासी-गैर आदिवासी का भी कार्ड खेला गया। प्रदेश में इसको लेकर कई लोग सक्रिय भी हो गए। इससे पहले की मामला और बढ़ता इससे पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के जरिए इस पर विराम लगा दिया गया।
शेयर
50 रुपए से कम: 2014 को अलविदा कहने से पहले खरीदें ये 14 शेयर, होगा मोटा मुनाफा
50 रुपए से कम: 2014 को अलविदा कहने से पहले खरीदें ये 14 शेयर, होगा मोटा मुनाफा
2014 अलबीदा कहने को है। शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशक और
विशेषज्ञ शायद यही चाहेंगे कि शेयर बाजार के लिए आने वाला साल भी 2014 जैसा
ही बीते। वर्ष 2014 भारतीय शेयर बाजार में लार्जकैप शेयरों की जगह छोटे और
मझौले शेयरों के नाम रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी ने जहां 30 फीसदी का
सालाना रिटर्न दिया है। वहीं स्मॉलकैप इंडेक्स इस साल 72 फीसदी चढ़ा है।
मार्केट एक्सपर्ट मानते हैं कि इस बदलते माहौल में अभी भी छोटे शेयरों
पर ही दांव लगाना फायदे का सौदा है। लेकिन निवेशकों को अच्छे फंडामेंटल
वाले शेयरों में निवेश करना चाहिए। मौजूदा समय में कुछ शेयर ऐसे है, जिनकी
कीमत 50 रुपए से कम है, लेकिन सुधरते आर्थिक माहौल से उनकी बैलेंसशीट मजबूत
हो रही है। आने वाले समय में ये कंपनियां बड़ी कंपनियां बनने का दम रखती
है।
मनीभास्कर रिसर्च डेस्क आपके लिए तमाम विशेषज्ञों से बात करके और
रिसर्च रिपोर्ट की मदद से ऐसे 14 शेयर लेकर आया है जिनको आप 2014 को अलवीदा
कहने से पहले अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं। इन 14 शेयरों की
खासियत यह है कि इनकी कीमत 50 रुपए से कम है।
क्यों है ये शेयर बेहतर
- बदलते आर्थिक हालात का कंपनियों को फायदा मिल रहा है।
- इन कंपनियों ने भी इस तेजी का फायदा उठाया और गिरवी हिस्सेदारी कम की है।
- सरकार भी हर सेक्टर के लिए बड़े कदम उठा रही है।
- कुछ कंपनियों के शेयर काफी आकर्षक वेल्युएशन पर है।
1. HMT खरीदें
SPA सिक्योरिटी ने 167 रुपए के लक्ष्य तय किए है।
क्यों खरीदें
- सरकार कंपनी की आर्थिक हालत सुधारने के लिए कदम उठा रही है।
- कंपनी के पास काफी बड़ा लैंडबैंक है।
- जमीन की वेल्युएशन करीब 28,000 करोड़ रुपए है।
2. ओरिएंट ग्रीन पावर खरीदें
SPA सिक्योरिटी की 22 रुपए के लिए निवेश की सलाह है।
क्यों खरीदें
- श्रीराम ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी है ओरिएंट ग्रीन पावर
- कैलेंडर ईयर 2015 में कंपनी 64MW की क्षमता को जोड़ेगी।
- आर्थिक सुधार से कंपनी को फायदा मिलेगा।
-
50 रुपए से कम: 2014 को अलविदा कहने से पहले खरीदें ये 14 शेयर, होगा मोटा मुनाफा
MARKET TEAM | Dec 26, 2014, 11:18AM IST3. टाइम टेक्नोप्लास्ट खरीदेंसंदीप जैन की 70 रुपए के लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह है।क्यों खरीदेंकंपनी के दूसरी तिमाही नतीजे अनुमान से बेहतर रहे है।कंपनी ने हाल में NED बैट्री की सब्सिडियरी विदेश में स्थापित की है।कंपनी के शेयर की वेल्युएशन काफी आकर्षक है।4. साउथ इंडियन बैंक खरीदेंICICI डायरेक्ट की 30 रुपए के निवेश की सलाह है।क्यों खरीदेंआनी वाली तिमाही में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है।किसी बड़े बैंक को जल्द ही टेकओवर की खबरें है।
जम्मू-कश्मीर और झारखंड में आज चुना जाएगा भाजपा विधायक दल का नेता जम्मू-कश्मीर में सरकार के लिए PDP-BJP में हुई बात
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर
में सरकार बनाने को लेकर बीजेपी और पीडीपी में बातचीत चल रही है। पीडीपी
के मुजफ्फर बेग और भाजपा के राम माधव के बीच गुरुवार रात को इस मसले पर
बातचीत हुई। पीडीपी ने इस मुलाकात की बात स्वीकार की है। इस बीच, पूर्व
अलगाववादी नेता सज्जाद लोन ने बीजेपी को समर्थन देने का एलान किया है।
सज्जाद लोन की पार्टी के दो विधायक हैं।
वाराणसी में मोदी बोले-रेलवे का नहीं होगा निजीकरण
वाराणसी: पीएम नरेंद्र मोदी
गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। मोदी ने यहां डीजल
लोकोमोटिव वर्क्स के विस्तार के प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। मोदी ने यहां
रेलवे अधिकारियों और आम जनता को संबोधित भी किया। मोदी ने कहा कि मेरा
जीवन रेलवे से ही बना है, मुझसे ज्यादा रेलवे से कोई प्यार नहीं कर सकता।
मोदी ने यह भी कहा कि रेलवे के निजीकरण की बातें बिलकुल अफवाह है।
Wednesday, 24 December 2014
मुंह में छाले होने पर आंवले की पत्तियों को चबाएं, जानें इसके अन्य 9 फायदे
आंवले के सूखे फलों और पत्तियों की समान मात्रा (लगभग 4 ग्राम प्रत्येक) ली
जाए और इन्हें कुचल लिया जाए। इस मिश्रण में हल्दी का चूर्ण मिलाया जाए और
दिन में कम से कम दो बार भोजन के बाद लिया जाए, आदिवासी हर्बल जानकारों के
अनुसार मधुमेह के नियंत्रण के लिए यह फार्मूला काफी कारगर है।
अटल और मदन मोहन मालवीय को मिलेगा भारत रत्न
1984 में सिंधिया से चुनाव हारने के बाद सिनेमा देखने चले गए थे 'भारत रत्न' वाजपेयी
नई दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और बनारस
हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्थापक मदन मोहन मालवीय को देश का
सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' दिए जाने का फैसला किया गया है।
वाजपेयी देश के सबसे चर्चित प्रधानमंत्रियों में से एक माने जाते हैं। उनकी
जिदंगी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें पर नजर डालिए:
चुनाव हारने के बाद सिनेमा देखने चले गए थे वाजपेयी और आडवाणी
वाजपेयी राजनीति में रमे रहने के बावजूद कभी भी हार या जीत से प्रभावित
नहीं होते थे। बताया जाता है कि 1984 के लोकसभा चुनाव में माधवराव सिंधिया
से ग्वालियर से हारने के बाद वाजपेयी सिनेमा देखने चले गए थे। उस चुनाव में
इंदिरा गांधी के निधन के बाद कांग्रेस ने 400 से ज्यादा सीटें जीती थीं।
मंत्री बनते ही अपने भांजे को दी थी सीख
मुरैना से बीजेपी के सांसद अनूप मिश्रा के मुताबिक, 'मामा (अटलजी) हमेशा
बेदाग रहे हैं। यही सीख उन्होंने हमें भी दी। जब मैं पहली बार मंत्री बना
था, तब उनसे मिले गया था। उन्होंने ज्यादा खुशी जाहिर नहीं की। बल्कि उनकी
पेशानी पर थोड़े बल थे। कहने लगे- देखो! यह फिसलन भरी जमीन है। मंत्री जरूर
बन गए हो। लेकिन संयम रखना। विवादों से बचना। खुद पर दाग मत लगने
देना।...जब सांसद बना तो फिर उनसे मिले गया। तब तक वे बोलना काफी कम कर
चुके थे। लेकिन उनकी नजरें मुझसे यही कह रही थीं कि बेदाग रहने की सीख को
कभी मत भूलना। सिफारिशों के वे सख्त विरोधी थे। उन्होंने मेरे लिए कभी कोई
सिफारिश नहीं की। न मंत्री बनने में, न टिकट दिलाने में। उन्होंने कभी यह
नहीं कहा कि वे किसी के टिकट के लिए शिवराज सिंह
चौहान से या किसी और से बात करेंगे। वे सिफारिशों और अपने प्रभाव के
दुरुपयोग के सख्त विरोधी थे। जो उनसे एक बार मिलता था, मुरीद हो जाता था।'
राष्ट्रपति ने ट्वीट कर दी जानकारी
पूर्व पीएम और सीनियर बीजेपी लीडर अटल बिहार वाजपेयी और स्वंतत्रता
सेनानी और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के संस्थापक मदन मोहन मालवीय को 'भारत
रत्न' दिया जाएगा। राष्ट्रपति भवन से बुधवार को ट्वीट करके इस बारे में
जानकारी दी गई। इससे पहले, केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग में इस बारे में
फैसला लिया गया और सिफारिश राष्ट्रपति को भेजी गई। बता दें कि अटल का 25
दिसंबर को 90वां जन्मदिन है। केंद्र सरकार पहले ही यह एलान कर चुकी है कि
वह अटल के जन्मदिन गुरुवार को 'गुड गर्वनेंस डे' के तौर पर मनाएगी।
बीजेपी के शीर्ष नेताओं अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह और अमित शाह
की मौजूदगी में हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। बता दें कि
इसी साल मई में केंद्र की सत्ता पर काबिज होने वाली बीजेपी पिछले पांच साल
से यह मांग करती रही है कि अटल बिहारी वाजपेयी को 'भारत रत्न' से सम्मानित
किया जाए। पार्टी ने यूपीए सरकार द्वारा क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर और वैज्ञानिक सीएआर राव को 'भारत रत्न' दिए जाते वक्त अटल को यह सम्मान न दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की थी।
मोदी ने निभाया वादा
पं. मदन मोहन मालवीय जैसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और शिक्षाविद् को 'भारत रत्न' दिए जाने का वादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान ही कर चुके थे। मालवीय को ‘महामना’ के नाम
से भी जाना जाता है। मालवीय ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी
और मोदी वहीं से ही सांसद हैं।
ऐसे होता है नाम तय
भारत रत्न पुरस्कार 1954 में आरंभ किया गया था। प्रधानमंत्री मिली
सिफारिशों के आधार पर नाम तय करते हैं और इसकी अनुशंसा राष्ट्रपति को भेजते
हैं। पुरस्कार स्वरूप राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र और
पीपल की पत्ती के आकार का मेडल प्रदान किया जाता है। यह देश का सर्वोच्च
नागरिक सम्मान है। अब तक 43 मशहूर हस्तियों को इस पुरस्कार से नवाजा जा
चुका है। इनमें सी. राजगोपालाचारी, वैज्ञानिक सीवी. रमन और गायिका लता
मंगेशकर भी शामिल हैं।
अटल के परिवार में खुशी
वाजपेई के परिजनों ने इस फैसले पर ख़ुशी ज़ाहिर की है।
हालांकि, उनका कहना है कि इसमें थोड़ी देर हुई है, लेकिन फिर भी ये बड़ी बात
है। भाजपा सांसद और अटल जी के भांजे अनूप मिश्रा ने भास्कर डिजिटल से
बातचीत के दौरान कहा कि अटल जी को भारत रत्न दिए जाने की जब उन्हें सूचना
मिली, तो आम हिंदुस्तानी की तरह उन्हें भी बहुत ख़ुशी हुई। अनूप के मुताबिक,
अटल जी वैश्विक शांति के दूत रहे हैं। मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी को इसके लिए उनका पूरा परिवार धन्यवाद देता है।
नई दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और बनारस
हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्थापक मदन मोहन मालवीय को देश का
सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' दिए जाने का फैसला किया गया है।
वाजपेयी देश के सबसे चर्चित प्रधानमंत्रियों में से एक माने जाते हैं। उनकी
जिदंगी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें पर नजर डालिए:
चुनाव हारने के बाद सिनेमा देखने चले गए थे वाजपेयी और आडवाणी
वाजपेयी राजनीति में रमे रहने के बावजूद कभी भी हार या जीत से प्रभावित नहीं होते थे। बताया जाता है कि 1984 के लोकसभा चुनाव में माधवराव सिंधिया से ग्वालियर से हारने के बाद वाजपेयी सिनेमा देखने चले गए थे। उस चुनाव में इंदिरा गांधी के निधन के बाद कांग्रेस ने 400 से ज्यादा सीटें जीती थीं।
वाजपेयी राजनीति में रमे रहने के बावजूद कभी भी हार या जीत से प्रभावित नहीं होते थे। बताया जाता है कि 1984 के लोकसभा चुनाव में माधवराव सिंधिया से ग्वालियर से हारने के बाद वाजपेयी सिनेमा देखने चले गए थे। उस चुनाव में इंदिरा गांधी के निधन के बाद कांग्रेस ने 400 से ज्यादा सीटें जीती थीं।
मंत्री बनते ही अपने भांजे को दी थी सीख
मुरैना से बीजेपी के सांसद अनूप मिश्रा के मुताबिक, 'मामा (अटलजी) हमेशा बेदाग रहे हैं। यही सीख उन्होंने हमें भी दी। जब मैं पहली बार मंत्री बना था, तब उनसे मिले गया था। उन्होंने ज्यादा खुशी जाहिर नहीं की। बल्कि उनकी पेशानी पर थोड़े बल थे। कहने लगे- देखो! यह फिसलन भरी जमीन है। मंत्री जरूर बन गए हो। लेकिन संयम रखना। विवादों से बचना। खुद पर दाग मत लगने देना।...जब सांसद बना तो फिर उनसे मिले गया। तब तक वे बोलना काफी कम कर चुके थे। लेकिन उनकी नजरें मुझसे यही कह रही थीं कि बेदाग रहने की सीख को कभी मत भूलना। सिफारिशों के वे सख्त विरोधी थे। उन्होंने मेरे लिए कभी कोई सिफारिश नहीं की। न मंत्री बनने में, न टिकट दिलाने में। उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि वे किसी के टिकट के लिए शिवराज सिंह चौहान से या किसी और से बात करेंगे। वे सिफारिशों और अपने प्रभाव के दुरुपयोग के सख्त विरोधी थे। जो उनसे एक बार मिलता था, मुरीद हो जाता था।'
मुरैना से बीजेपी के सांसद अनूप मिश्रा के मुताबिक, 'मामा (अटलजी) हमेशा बेदाग रहे हैं। यही सीख उन्होंने हमें भी दी। जब मैं पहली बार मंत्री बना था, तब उनसे मिले गया था। उन्होंने ज्यादा खुशी जाहिर नहीं की। बल्कि उनकी पेशानी पर थोड़े बल थे। कहने लगे- देखो! यह फिसलन भरी जमीन है। मंत्री जरूर बन गए हो। लेकिन संयम रखना। विवादों से बचना। खुद पर दाग मत लगने देना।...जब सांसद बना तो फिर उनसे मिले गया। तब तक वे बोलना काफी कम कर चुके थे। लेकिन उनकी नजरें मुझसे यही कह रही थीं कि बेदाग रहने की सीख को कभी मत भूलना। सिफारिशों के वे सख्त विरोधी थे। उन्होंने मेरे लिए कभी कोई सिफारिश नहीं की। न मंत्री बनने में, न टिकट दिलाने में। उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि वे किसी के टिकट के लिए शिवराज सिंह चौहान से या किसी और से बात करेंगे। वे सिफारिशों और अपने प्रभाव के दुरुपयोग के सख्त विरोधी थे। जो उनसे एक बार मिलता था, मुरीद हो जाता था।'
राष्ट्रपति ने ट्वीट कर दी जानकारी
पूर्व पीएम और सीनियर बीजेपी लीडर अटल बिहार वाजपेयी और स्वंतत्रता
सेनानी और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के संस्थापक मदन मोहन मालवीय को 'भारत
रत्न' दिया जाएगा। राष्ट्रपति भवन से बुधवार को ट्वीट करके इस बारे में
जानकारी दी गई। इससे पहले, केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग में इस बारे में
फैसला लिया गया और सिफारिश राष्ट्रपति को भेजी गई। बता दें कि अटल का 25
दिसंबर को 90वां जन्मदिन है। केंद्र सरकार पहले ही यह एलान कर चुकी है कि
वह अटल के जन्मदिन गुरुवार को 'गुड गर्वनेंस डे' के तौर पर मनाएगी।
बीजेपी के शीर्ष नेताओं अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह और अमित शाह
की मौजूदगी में हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। बता दें कि
इसी साल मई में केंद्र की सत्ता पर काबिज होने वाली बीजेपी पिछले पांच साल
से यह मांग करती रही है कि अटल बिहारी वाजपेयी को 'भारत रत्न' से सम्मानित
किया जाए। पार्टी ने यूपीए सरकार द्वारा क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर और वैज्ञानिक सीएआर राव को 'भारत रत्न' दिए जाते वक्त अटल को यह सम्मान न दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की थी।
मोदी ने निभाया वादा
पं. मदन मोहन मालवीय जैसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और शिक्षाविद् को 'भारत रत्न' दिए जाने का वादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान ही कर चुके थे। मालवीय को ‘महामना’ के नाम
से भी जाना जाता है। मालवीय ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी
और मोदी वहीं से ही सांसद हैं।
ऐसे होता है नाम तय
भारत रत्न पुरस्कार 1954 में आरंभ किया गया था। प्रधानमंत्री मिली
सिफारिशों के आधार पर नाम तय करते हैं और इसकी अनुशंसा राष्ट्रपति को भेजते
हैं। पुरस्कार स्वरूप राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र और
पीपल की पत्ती के आकार का मेडल प्रदान किया जाता है। यह देश का सर्वोच्च
नागरिक सम्मान है। अब तक 43 मशहूर हस्तियों को इस पुरस्कार से नवाजा जा
चुका है। इनमें सी. राजगोपालाचारी, वैज्ञानिक सीवी. रमन और गायिका लता
मंगेशकर भी शामिल हैं।
अटल के परिवार में खुशी
वाजपेई के परिजनों ने इस फैसले पर ख़ुशी ज़ाहिर की है।
हालांकि, उनका कहना है कि इसमें थोड़ी देर हुई है, लेकिन फिर भी ये बड़ी बात
है। भाजपा सांसद और अटल जी के भांजे अनूप मिश्रा ने भास्कर डिजिटल से
बातचीत के दौरान कहा कि अटल जी को भारत रत्न दिए जाने की जब उन्हें सूचना
मिली, तो आम हिंदुस्तानी की तरह उन्हें भी बहुत ख़ुशी हुई। अनूप के मुताबिक,
अटल जी वैश्विक शांति के दूत रहे हैं। मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी को इसके लिए उनका पूरा परिवार धन्यवाद देता है।
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Tuesday, 23 December 2014
News
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चुनाव नतीजों पर बोले उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस ने साबित किया है कि राजनीति में उसका कोई दोस्त और दुश्मन नहीं है। पीडीपी और कांग्रेस सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। हम अगले 6 साल विपक्ष में बैठने के लिए तैयार हैं।मुझे मालूम था कि सोनावाड़ का जिला हमारे लिए मुश्किल होना था: उमर अब्दुल्लाबीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, अगला नंबर बिहार का, वहां भी बनेगी बीजेपी सरकार
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