Monday, 12 January 2015

आइआरएस

घर में धमाचौकड़ी मचाने और गुडिय़ों से खेलने की उम्र में किंजल ने अपने पिता को खो दिया था। किंजल बताती हैं, “जब मां कहती थीं कि वे दोनो बेटियों को आइएएस अफसर बनाएंगी तो लोग उन पर हंसते थे”।
ग्रेजुएशन के पहले ही सेमेस्टर के दौरान किंजल को पता चला कि उनकी मां को कैंसर है। मां की मौत के बाद दोनों बहनें किंजल और प्रांजल आइएएस की तैयारी में लग गईं।
2008 में किंजल का चयन आइएएस के लिए हो गया, उसी साल छोटी बहन प्रांजल पहले ही प्रयास में
आइआरएस के लिए चुन ली गईं।
आज दोनों बहनें एक सफल अफसर है ।

No comments: